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कर्नाटक पावर के 1610 हेक्टेयर कोल ब्लॉक को ग्राम सभा ने सर्वसम्मति से किया निरस्त — जंगल, हाथी व कृषि बचाने ग्रामीणों का बड़ा फैसला

धरमजयगढ़, रायगढ़।
ग्राम पंचायत बायसी कालोनी में शुक्रवार 22 नवंबर को आयोजित ऐतिहासिक ग्राम सभा ने कर्नाटक पावर लिमिटेड के प्रस्तावित 1610 हेक्टेयर ओपन कोल ब्लॉक को सर्वसम्मति से सख्ती के साथ निरस्त कर दिया। ग्रामीणों ने पाँचवीं अनुसूची (1996) और छत्तीसगढ़ पेसा अधिनियम 2022 के तहत मिले संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए स्पष्ट कहा कि जंगल, हाथी, जमीन और खेती बचाने के लिए इस खनन परियोजना को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

पंचायत क्षेत्र में 655.56 हेक्टेयर वन भूमि पर खनन का प्रस्ताव — हाथियों का प्रमुख आवास क्षेत्र प्रभावित

ग्राम सभा में बताया गया कि प्रस्तावित क्षेत्र में 655.56 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है, जहाँ लगातार जंगली हाथियों का विचरण होता है। वर्ष 2001 से अब तक 59 ग्रामीणों की हाथियों के हमले से मौत तथा 2005 से अब तक 23 हाथियों की अलग-अलग कारणों से मृत्यु की घटनाओं ने जंगल और हाथियों के संरक्षण की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।ग्राम सभा ने कहा कि यदि यह खनन हुआ तो जंगल और हाथियों दोनों को विनाशकारी परिणाम झेलने पड़ेंगे, इसलिए इस कोल ब्लॉक को पूरी तरह अस्वीकार किया जाता है।

किसानों की कृषि भूमि और सालाना लाखों की कमाई पर संकट

ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत क्षेत्र के हजारों किसान तरबूज, मक्का और धान की खेती से प्रति किसान लगभग 10 लाख रुपये वार्षिक आय अर्जित करते हैं।खनन शुरू होने पर कृषि भूमि नष्ट होगी जलस्त्रोत प्रदूषित होंगे
मिट्टी की उर्वरता खत्म होगी
किसानों की आजीविका पूरी तरह समाप्त हो जाएगी ग्राम सभा ने कहा, हम ऐसा विकास नहीं चाहते जो हमारी खेती, जंगल और अस्तित्व को खत्म कर दे।

भूमिअधिग्रहण का विरोध — खसरा में दर्ज अधिग्रहण क्षेत्र हटाने के निर्देश
बायसी कालोनी के ग्राम सभा ने इस बात पर कड़ा आपत्ति जताई कि किसानों की जमीन में बिना सहमति के भू-अर्जन क्षेत्र अंकित किया गया है।ग्राम सभा ने अनुविभागीय अधिकारी धरमजयगढ़ को निर्देश जारी करते हुए कहा कि किसानों की जमीन से भू-अर्जन की प्रविष्टि तुरंत हटाई जाए,
ताकि वे शासकीय योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के ले सकें।

संवैधानिक अधिकारों का उपयोग — ग्राम सभा का अंतिम फैसला

ग्राम सभा ने पेसा एक्ट 2022 की धारा 4 (क), 4 (घ), 4 (च) और 4 (ज) का हवाला देते हुए कहा कि
भूमि, जल, वन पर ग्राम सभा का नियंत्रण सर्वोच्च है खनिज कार्य की स्वीकृति/अस्वीकृति का अंतिम अधिकार ग्राम सभा को है
बिना ग्राम सभा की सहमति कोई उद्योग, खदान, सर्वे, भू-अर्जन, विस्थापन अवैध है ग्राम सभा ने स्पष्ट घोषणा की —ग्राम सभा की असहमति के बाद इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का खनन, सर्वे या जनसुनवाई पूरी तरह अवैध और गैरकानूनी मानी जाएगी।
अंतिम निर्णय — प्रस्तावित कोल ब्लॉक पूर्णतः निरस्त ग्राम सभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि कर्नाटक पावर का 1610 हेक्टेयर ओपन कोल ब्लॉक स्थायी रूप से निरस्त किया जाता है। ग्राम सभा की अनुमति के बिना क्षेत्र में कोई कार्य नहीं होगा।

Dhirendra Mishra

धिरेन्द्र मिश्रा एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो ज़मीनी मुद्दों से लेकर सामाजिक विकास, प्रशासनिक गतिविधियों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर गहन रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय पत्रकारिता करते हुए उन्होंने हमेशा निष्पक्ष, सटीक और जनता की आवाज़ को प्राथमिकता दी है।

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